- MX ओरिजिनल ‘राइज़ एंड फॉल’ सीज़न 2 को मिला अपना विजेता, शहज़ाद पूनावाला ने जीती शानदार ट्रॉफी
- MX Original Rise and Fall Season 2 Crowns Its Champion, with Shehzad Poonawalla Taking Home the Coveted Trophy
- Harsh Rajput’s Natural and Realistic Performance in Jhaad Phoonk Wins Appreciation, Audiences Go Gaga Over His Screen Presence
- Dia Mirza Attends One Young World Summit in Cape Town to Inspire Change & Work for a Healthy Future
- Netted Sarees to Embellished Shararas: 5 Times Pragya Jaiswal Served the Ultimate Festive Fashion Goals
मुख्यमंत्री ने कोविड से अपने माता-पिता को खोने वाले इंदौर की शिखा, चिराग, दीपक सहित अन्य बच्चों से किया संवाद
हौसला-हिम्मत बढ़ाई, आगे बढ़ने की दी प्रेरणा- कहा मामा बनकर रहुंगा हमेशा साथ
इंदौर . मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कोविड महामारी से अपने माता-पिता को खोने वाले इंदौर की शिखा, चिराग, दीपक सहित प्रदेश के अन्य बच्चों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों की समस्याएं सुनी, उनसे चर्चा कर हौसला और हिम्मत बढ़ाई तथा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बच्चों को विश्वास दिलाते हुये कहा कि मामा के रूप में मैं उनके हर सुख-दु:ख में साथ हूँ। किसी भी बात की चिंता नहीं करें। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, संरक्षण, संस्कारों के उन्नयन और परिवार की सुव्यवस्था के हर इंतजाम किये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज कोविड महामारी के कारण अनाथ हुये प्रदेश के 328 बच्चों के खातों में “मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना” के तहत पांच-पांच हजार रूपये अंतरित किये। इनमें इंदौर के 36 बच्चे शामिल है।
इंदौर के कलेक्ट्रोरेट स्थित एनआईसी कक्ष में उपस्थित बच्चे शिखा, उसका भाई चिराग, दीपक सहित अन्य बच्चे मुख्यमंत्रीजी से संवाद के लिये उपस्थित थे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री मनीष सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी श्री अविनाश यादव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्रीजी ने आज अपने संवाद कार्यक्रम की शुरूआत इंदौर के बच्चों से संवाद करते हुये की। मुख्यमंत्रीजी ने सबसे पहले इंदौर की शिखा ठाकुर से चर्चा की। मुख्यमंत्रीजी ने पूछा की बिटिया कौन सी कक्षा में हो ? शिखा ने बताया कि मैं 12वी कक्षा में पढ़ रही हूँ, रिजल्ट आना बाकी है, मैं पढ़ लिख कर सेना में भर्ती होना चाहती हूँ। मुख्यमंत्रीजी ने इस बालिका के जज्बे की सराहना की और कहा कि किसी भी बात की चिंता नहीं करें। शिक्षा और आगे बढ़ने में पूरी मदद दी जायेगी। शिखा के भाई चिराग से भी मुख्यमंत्रीजी ने चर्चा की और कहा कि बेटा पढ़ों-लिखों, आगे बढ़ों सरकार तुम्हारे साथ है। आगे बढ़ों और अपने माता-पिता का नाम रौशन करों।
इसके बाद मुख्यमंत्रीजी ने दीपक गिरवाल से भी चर्चा की। दीपक ने बताया कि वह अभी बीए में अध्ययनरत है। आगे भी उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है। मुख्यमंत्रीजी ने इसे भी पूरा सहयोग देने के लिये आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंदसौर, राजगढ़, सिवनी, बेतुल सहित अन्य जिलों के बच्चों भी चर्चा की। कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने बताया कि इंदौर में हर बच्चे के हितों के संरक्षण के लिये तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को पालक अधिकारी के रूप में जवाबदारी दी गई है। यह अधिकारी कोरोना में अपने माता-पिता को खोने वाले हर बच्चे के हितों का संरक्षण करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण से कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, जिसकी पूर्ति नहीं की जा सकती। कोरोना की दूसरी लहर में कई बच्चों के सिर से उनके माता-पिता का साया भी उठ गया। इस स्थिति में बच्चों की जिम्मेदारी उठाने के लिये मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना शुरू की गई है। योजना में प्रावधान किया गया है कि अनाथ हुए बच्चों को प्रति माह 5 हजार रूपये आर्थिक सहायता के साथ नि:शुल्क शिक्षा, नि:शुल्क राशन के साथ सुरक्षित आवासीय सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाए। बच्चों की प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी। उनकी संपत्तियों की सुरक्षा भी की जायेगी।


